लेखिका कनिष्का जैन की रचना ‘Soul’ केवल एक किताब नहीं, बल्कि इंसान के भीतर छिपे विचारों, अनकही भावनाओं और खुद को समझने की कोशिशों को शब्दों में पिरोने का एक प्रयास है।
इस रचना के माध्यम से पाठकों को अपने अंतर्मन से जुड़ने और उन भावनाओं को समझने का अवसर मिलता है, जिन्हें अक्सर शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल होता है।

कनिष्का जैन की इस रचना का उद्देश्य पाठकों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करना और किताब के पन्नों में उन्हें खुद का एक हिस्सा तलाशने का अनुभव देना है।

