आगरा में स्नातक निर्वाचन खंड के चुनाव को लेकर डॉ. राहुल राज कुलश्रेष्ठ ने अपने होर्डिंग फाड़े जाने की जानकारी मिलने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें शिव चिंतकों के माध्यम से पता चला कि उनके लगाए गए कुछ होर्डिंग फाड़ दिए गए हैं, जबकि अन्य लोगों के होर्डिंग लगे हुए हैं।
‘होर्डिंग फाड़े गए तो समझिए हम चर्चा का विषय हैं’
डॉ. राहुल राज कुलश्रेष्ठ ने अपने संबोधन में कहा कि जब उन्हें होर्डिंग फाड़े जाने की जानकारी मिली, तो उन्होंने इसे अपनी चर्चा का विषय बनने से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि यदि उनके होर्डिंग फाड़े जा रहे हैं, तो इससे उन्हें लगता है कि उनकी बात लोगों तक पहुंच रही है और उनकी मौजूदगी चुनावी चर्चा में सामने आ रही है।
मतदाताओं से संपर्क और समर्थन की बात
अपने संबोधन में उन्होंने आगरा निर्वाचन खंड के सभी सम्मानित स्नातक मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे लंबे समय से मतदाताओं से संपर्क स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वे अभी तक कई मतदाताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं कर पाए हैं, लेकिन उनके अनुसार चुनाव तो एक बहाना है, असली उद्देश्य लोगों के साथ आगे बढ़ना है।
‘यह चुनाव सिर्फ मेरा नहीं, आपका भी है’
डॉ. राहुल राज कुलश्रेष्ठ ने कहा कि चुनाव की शुरुआत में उन्होंने खुद भी नहीं सोचा था कि वे इस मुकाम तक पहुंचेंगे और आगरा की आवाज बनने की बात कहेंगे। उन्होंने इस चुनाव को जनता से जुड़ा हुआ बताते हुए कहा कि इसे जिताने में मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि आगरा से उनकी आवाज आगे तक पहुंचनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने उन लोगों का भी धन्यवाद किया, जिनके बारे में उन्हें होर्डिंग फाड़े जाने की जानकारी मिली। उन्होंने इसे इस बात से जोड़कर देखा कि उनकी गतिविधियां लोगों के बीच चर्चा का विषय बन रही हैं।
अब सवाल यह है कि स्नातक निर्वाचन खंड के चुनाव में होर्डिंग फाड़े जाने का यह मुद्दा आगे क्या रूप लेता है और मतदाताओं के बीच इस पर कैसी प्रतिक्रिया देखने को मिलती है?

