आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शुक्रवार को मतदान जारी है। एक ओर 12 जिलों के 2,41,527 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चुनाव के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल पर विवादित टिप्पणी और सपा नेताओं की ओर से प्रशासन पर लगाए गए आरोपों ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है।

सुबह 10 बजे तक कितना हुआ मतदान?
सुबह 8 बजे शुरू हुए मतदान के बाद सुबह 10 बजे तक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 9.66% और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 7.37% मतदान दर्ज किया गया। आगरा खंड के 12 जिलों में दोनों सीटों के लिए कुल 25 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें स्नातक सीट पर 13 और शिक्षक सीट पर 12 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
आगरा जिले में दोनों सीटों को मिलाकर 40,214 मतदाता हैं। इनमें शिक्षक सीट के 15,788 और स्नातक सीट के 24,426 मतदाता शामिल हैं। पूरे आगरा खंड में शिक्षक सीट के लिए 150 और स्नातक सीट के लिए 262 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की टिप्पणी से विवाद
मतदान के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मीडिया से बातचीत में सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल की तुलना वैश्या से करते हुए विवादित टिप्पणी की। मंत्री ने उन्हें सिद्धांतविहीन बताते हुए कहा कि वह पहले भाजपा से टिकट मांग रहे थे और अब समाजवादी पार्टी के साथ हैं। उन्होंने भाजपा की सभी एमएलसी सीटों पर जीत का दावा भी किया।
आकाश अग्रवाल और रामजी लाल सुमन ने लगाए आरोप
सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्रशासन मतदाताओं को धमका रहा है और सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने चुनावी हालात की तुलना आपातकाल से करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।
वहीं, सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने भी सरकारी तंत्र के दुरुपयोग और चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित प्रशासनिक पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।
27 अक्टूबर को होगी मतगणना
आगरा खंड के 12 जिलों की मतपेटियां मतदान के बाद आगरा की गल्ला मंडी में जमा की जाएंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी।
अब मतदान प्रतिशत, चुनावी आरोपों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच सभी की नजरें मतगणना पर टिकी हैं।

