आगरा के रकाबगंज थाना क्षेत्र स्थित धौलपुर हाउस में 31 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे एक ऑटो में बैठे महिला और पुरुष पर सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकतें करने का आरोप लगा। स्थानीय लोगों ने जब उन्हें ऐसा करने से रोका तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज होने लगी।

आरोप है कि मौके पर पहुंची यूपी-112 की गाड़ी संख्या UP32 DG 9406 में तैनात पुलिसकर्मियों ने शिकायत सुनने के बजाय स्थानीय लोगों से अभद्र भाषा में बात की और ऑटो चालक का पक्ष लिया। लोगों का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाना शुरू किया तो उनके खिलाफ 112 पर फर्जी कॉल कराई गई और थाने ले जाने की धमकी दी गई।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पुलिस के व्यवहार और कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अब सवाल यह है कि क्या सार्वजनिक स्थान पर गलत हरकत की शिकायत करना लोगों की गलती थी? क्या पुलिसकर्मियों द्वारा कथित अभद्र व्यवहार की जांच होगी? क्या उच्च अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करेंगे?


